अगर आप टॉयलेट में लंबे समय तक बैठे रहें तो ज्यादा दबाव पड़ने की समस्या बढ़ जाती है.
इसी कड़ी में जब शौच में देरी होती है तो ये समस्या और बढ़ जाती है. क्योंकि लोग टॉयलेट करते हुए ज्यादा जोर लगाने की कोशिश करते हैं और इस तरह वे कई समस्याओं में फँस जाते हैं.
इसलिए ये बात ध्यान रखना जरूरी है कि जब आप टॉयलेट जाएं तो वहां फोन का इस्तेमाल न करें.
टॉयलेट की सीट पर बहुत देर तक बैठे रहने और अपने फोन को देखने से शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी दवाब पड़ता है. जैसे गर्दन और पीठ में दर्द.
इससे हाथों और पैरों में झुनझुनी, पैरों में भारीपन महसूस हो सकता है. लंबे समय तक झुककर बैठने और मोबाइल फोन देखने से गर्दन में खिंचाव और पीठ दर्द कर सकती है.
कोविड 19 के बाद हमारे लाइफस्टाइल में कई तरह के बदलाव आए हैं. इनमें लगातार बैठे रहना, बैठकर काम करना, घर से बाहर न निकलना, व्यायाम या योग का अभाव, फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड खाने जैसी आदतें शुमार हैं.
इतना ही नहीं मोबाइल का इस्तेमाल भी बढ़ा है क्योंकि अब ज्यादातर लेन-देन मोबाइल पर ही होता है. लगातार फोन के इस्तेमाल के कारण कई लोगों में टॉयलेट में अपना फोन ले जाने की आदत विकसित हो गई है.
एक ही जगह पर बैठे रहने से हृदय रोग, डायबिटीज, मोटापा, गर्दन और पीठ दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, वैरिकाज़ नसों, स्ट्रोक, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
लेकिन इससे भी ज्यादा पेट फूलना, अनावश्यक वजन बढ़ना जैसी समस्याएं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं.
इस लाइफस्टाइल के कारण चिंता, अवसाद, तनाव या खान-पान संबंधी बीमारी हो सकती हैं.